Monday, February 14, 2011

कुछ पुराने मगर असरदार जोरदार शेर

१. आज की रात तो यादों का सहारा भी नहीं,
आज तनहा ना मुझे छोड़ के जाओ लोगो..

२. यूँ तो मरने के लिए जहर सभी पीते हैं,
जिंदगी तेरे लिए जहर पिया है मैंने..

३. तेरी जुदाई का गम उम्र भर रहा लेकिन,
लेकिन इस गम ने मुझे जिंदगी भी बक्शी है..

४. हम तेरे खयालो की मशाले जलाते हैं,
जब कभी चिरागों में रौशनी नहीं होती...

५. भूलने वाले तेरी बदली निगाहों की कसम,
दिल में दर्द था पहले जख्म आज भी है...

६. अभी से क्यों छलक आई तेरी आँखें,
अभी छेड़ी कहाँ है दस्ताने जिंदगी मैंने..

७. मुस्कराहट में छुपाते हैं जो अपने गम को,
अपने हालत पे गिरो को रुला देते हैं....

कुछ लोग सितम करने को तैयार बैठे हैं

कुछ लोग सितम करने को तैयार बैठे हैं ,
कुछ लोग मगर हम पे दिल हार बैठे हैं,
इस कशमकश में पहचाने नहीं जाते,
कहाँ दुश्मन कहाँ दोस्त यार बैठे हैं,
इश्क को आज का दरिया ही समझ लीजिये हुज़ूर,
कोई इस पार तो कोई उस पार बैठे हैं,
कौन कहता है के इस शहर में सारे हैं बेवफा,
हमारे सामने वफादार दो चार बैठे हैं,
कल तक जिन्हें हसरत थी हमें बदनाम करने की,
आज वही लोग अपने किये पर सर्मसार बैठे हैं,
दुनिया से रूठ जाने की ख्वाईश है हमारी,
क्या करून उस ख्वाईश पे पहरेदार बैठे हैं!

Sunday, February 13, 2011

मेरी पहली पोस्ट...तू जो रोएगी तो मेरी पलकों पे नमी रह जायेगी

तू जो रोएगी तो मेरी पलकों पे नमी रह जायेगी, 
जिन्दगी बस नाम की जिंदगी रह जायेगी,
तू मुझे छोड़ रही है  एक बार फिर से सोच ले,
मैं चला जाऊँगा और तू देखती रह जायेगी,
ये नहीं कहते की तुम बिन जी नहीं पाऊंगा,
हाँ मेरी जिंदगी मैं एक कमी रह जायेगी,
मैं तो तय कर के चला जाऊँगा दुनिया का सफ़र,
मेरे बारे मैं ये दुनिया सोचती रह जायेगी,
जिंदगी में सबसे ज्यादा मैंने तुझे चाहा,
 में अगर ना भी रहा तो ये शायरी रह जायेगी !